• About Us Dainik DIRASHYA
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions/Dainik dirashya
  • July 26, 2021

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिन पर युवाओं ने जोश से मनाया “यूपी बेरोजगार दिवस”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन को युवाओं ने “यूपी बेरोजगार दिवस” के रूप में मनाकर राज्य में रोजगार की स्थिति पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। बेरोजगार दिवस मनाने की अपील देशव्यापी आंदोलन ‘युवा हल्ला बोल’ के तरफ से की गयी थी जिसमें युवाओं ने जमकर हिस्सा लिया।

इस मौके पर ‘युवा हल्ला बोल’ के संस्थापक और बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा नेता अनुपम ने चेताया कि रोजगार के नाम पर छलावे और सरकारी झूठ को युवा अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। अनुपम ने कहा कि झूठे प्रचार की जगह सच्चे रोजगार पर सरकार काम करे वरना बेरोजगार युवाओं का आक्रोश भारी पड़ेगा।

इस मुहिम का असर ऐसा हुआ कि देश ही नहीं, पूरी दुनिया में “यूपी बेरोजगार दिवस” लाखों ट्वीट के साथ लगातार ट्रेंड करता रहा। नतीजा हुआ कि उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी की हालत पर चर्चा छिड़ी और मुख्यमंत्री से लोगों ने उनके वादे याद कराए और दावों पर सवाल किए।

‘युवा हल्ला बोल’ के राष्ट्रीय समन्वयक गोविंद मिश्रा ने कहा कि एक बार फिर युवाओं ने आईटी सेल के झूठ को पछाड़ कर अपनी आवाज़ बुलंद कर दी है। “यूपी बेरोज़गार दिवस” पर हुए लाखों ट्वीट को गोविंद ने बेरोज़गार युवाओं में व्याप्त आक्रोश का परिणाम बताया। यदि सरकार अब भी रोजगार के अवसरों और सरकारी भर्तियों पर ध्यान नहीं देती तो युवाओं का यह असंतोष आंदोलन की शक्ल लेगा।

गोविंद ने याद दिलाया कि इन्हीं सवालों पर बीते 24 मार्च को इलाहाबाद में ‘युवा हल्ला बोल’ अध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में ज़ोरदार ‘युवा महापंचायत’ का आयोजन हुआ था। रोज़गार के मुद्दे को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने के लिए युवा महापंचायतों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए देश के कई शहरों में आयोजित किया जाएगा।

युवा हल्ला बोल के उत्तर प्रदेश प्रभारी रजत यादव ने ‘बेरोज़गार दिवस’ मुहिम में हिस्सा लेने वालों को बधाई दी और उम्मीद जताया कि ऐसी ही युवा एकता आगे भी कायम रहेगी। रजत ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों समेत उन शिक्षकों का भी धन्यवाद किया जिनके सहयोग से सरकारों पर दबाव बन पा रहा है।

युवा हल्ला बोल के उत्तर प्रदेश प्रभारी रजत यादव

ज्ञात हो कि रोज़गार पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे दावों पर लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में अनुपम ने कई गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद से सरकार हरकत में तो आयी लेकिन भ्रामक दावे करने लगी।

अनुपम ने बताया कि सीएम आदित्यनाथ चार साल में चार लाख सरकारी नौकरी देने प्रचार करते हैं लेकिन जब आरटीआई से इन नौकरियों का विभागवार ब्यौरा पूछा गया तो उन्हीं की सरकार के पास कोई जवाब नहीं था। सवाल है कि जब सरकार खुद नहीं जानती की चार लाख सरकारी नौकरी कहाँ दिए गए तो प्रचार में किस आधार पर ये दावा किया जा रहा है? इसके अलावा मुख्यमंत्री अन्य अवसरों पर भी झूठ बोलते पकड़े गए जब महराजगंज के दुर्गेश को लेखपाल की नौकरी देने का भ्रामक वीडियो जारी करवा दिया जिसे बाद में डिलीट करना पड़ा।

गोविंद मिश्रा ने बताया कि यूपीएसएसएससी ( UPSSSC ) की कई भर्तियां वर्षों से पूरी नहीं हुई हैं और सवाल पूछने पर उचित जवाब नहीं दिया जाता। एक तरफ सरकार जवाबदेही से भागती है तो दूसरी तरफ बार बार झूठे दावे किए जाते हैं। जनता के पैसे से ही जनता को गुमराह करने की घटिया सरकारी कोशिश हो रही है।

रोजगार के अभियान में लगातार मिल रही सफलता को देखकर अनुपम ने कहा है कि जिस तरह उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में रोजगार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया, उसी तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी ‘पढ़ाई कमाई दवाई’ के नारे को बहस के केंद्र में लाया जाएगा।

Share and Enjoy !

Shares

Abdul Vahab

Student of Politics | Writer | Activist | AMU

Read Previous

यू०पी० बोर्ड की भी रद्द हुई 12वीं की परीक्षा, ख़ुद उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके दी जानकारी…!

Read Next

2 जुलाई से परीक्षाएं कराने के लिए सीसीएसयू की तैयारियां तेज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares