मन्दिर परिसर में पानी पीने गया आशिफ को श्रृंगी यादव नाम के व्यक्ति ने बेरहमी से पीटा। आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

मन्दिर में पानी पीने गया आशिफ को श्रृंगी यादव नाम के व्यक्ति ने बेरहमी से पीटा। आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

सोसल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति बच्चे से उसका नाम पिता का नाम पूछ रहा है और साथ में पूछा रहा है कि मन्दिर में क्या करने गया था। बच्चे ने अपना नाम आसिफ बताया और मन्दिर में जाने का कारण भी बताया परन्तु उक्त व्यक्ति सबकुछ जानने के बाद भी बच्चे को पीटने लग जाता है ओर साथ ही इस पूरे घटना का वीडियो बना कर सोसल मीडिया पर वायरल कर देता है।सोसल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर गाजियाबाद पुलिस एक्सन में आ जाती है और आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है।

आरोपी बिहार के भागलपुर का रहने वाला है जिसका नाम श्रृंगी यादव बताया गया है।

गाज़ियाबाद के डासना में आसिफ़ नाम का लड़का जिसकी उम्र तकरीबन 10 – 12 साल रही होगी, वह मंदिर में पानी पीने चला गया

 जिससे वहाँ स्वयं घोषित हिन्दू धर्म के रक्षक कहलाने वाले श्रृंगी यादव ने आसिफ़ को पकड़कर बेहरमी से पीटा और उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और वायरल की आसिफ़ की सिर्फ यही ग़लती थी कि वह मंदिर में पानी पीने चला गया था।


मंदिर में पानी पीने की सज़ा

 

सोशल मीडिया पर जब वीडियो वायरल हुई तब ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने इस पर एक्शन लिया, जिसमें श्रृंगी यादव को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी वीडियो बनाने वालों का कोई पता नहीं चला है।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार श्रृंगी यादव

सोशल मीडिया पर ऐसे अनेक पेज है जो लगातार एक धर्म विशेष के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का प्रयोग करके उनकी महिलाओं को गालियाँ देकर साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम करते हैं, आज के दौर में जहां मीडिया ख़ुद झूठ दिखा रही है। उससे इन पेज का काम आसान हो जाता है।

झूठी अफ़वाह फैला करके लोगों के मन मे एक धर्म विशेष के खिलाफ जेहर घोलते हैं, जिसका सीधा फ़ायदा सत्ता को होता है ।

क्यों सभी राजनीतिक दल इस पर चुप्पी साधे हुए है।क्योंकि यह सब उन्हीं के द्वारा बोया गया बीज है जो आज एक वृक्ष का रूप ले चुका है।वृक्ष का हर पत्ता सिर्फ नफ़रत फैला रहा है।

 अखलाक हो, जुनैद हो, अफराज़ूल हो, नजीब हो, रकबर हो या हो तबरेज़ यह सब के सब राजनैतिक दलो की भूख के शिकार हुए है

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Abdul Vahab

Student of Politics | Writer | Activist | AMU Co-editer Dainik Dirashya

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