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  • October 25, 2021

कैसे होता है ग्राम प्रधान का चुनाव ।

 ग्रामीण परिवेश

मेरे देश भारत का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र है ।

जहां मुख्य खेती पशुपालन व छोटे छोटे काम धन्धे है ।ज्यादा से ज्यादा लोग गाँव में खेती का कार्य ही करते हैं ।इस कार्य को करने वाले को किसान कहा जाता है

जिसे अन्नदाता भी कहा जाता है ।किसान मुख्यतः वर्ष में दो प्रकार की फसलें उगाता है :-

रबी फसल एवं खरीफ की फसल इन फसलों की उपज को बेचकर किसान अपनी आवश्यकता की वस्तुओं को खरीदता है ।

अब गाँव के विकास में तेजी से बदलाव आ रहा है किसान को खेती करने के लिए उन्नत किस्म के बीज खाद आधुनिक कृषि उपकरण का प्रयोग करके खेती की जा रही है ।

गाँवमें पक्के मकान, विद्यालय, पक्की सडके, शौचालय निर्माण, पंचायत घर, बारात घर इत्यादि की व्यवस्था को तेजी से विकसित किया जा रहा है ।

गाँवकी सार्वजनिक व्यवस्थाओं को संभालने के लिए गाँव में एक मुखिया या सरपंच होता है जिसे ग्राम प्रधान भी कहा जाता है ।

ग्रामप्रधान को गाँव के नागरिक जो 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों द्वारा चुना जाता है ।

इसके चुनाव की प्रक्रिया राज्य सरकारों व चुनाव आयोग के द्वारा की जाती है।              

ग्राम पंचायत का गठन

जिस गाँव की आवादी कम से कम 1000 की आवादी पर एक ग्राम पंचायत बनाई जाती है ।

यदि किसी गाँव की आवादी 1000 से कम है तो उस गाँव को पास के अन्य गाँव में सम्मिलित कर एक ग्राम पंचायत बनाई जाती है ।

यहीग्राम पंचायत अन्य सम्मिलित गाँव के विकास कार्यों को देखती है ।

ग्राम पंचायत का महत्व

गाँव के समस्त विकास कार्यों व अन्य निर्णय ग्राम पंचायत में ही लिए जाते हैं ।

गाँवके नागरिक अपनी स्थानीय समस्याओ को ग्राम पंचायत में ही सुलझा लेते हैं ।

इन समस्याओं को सुलझाने के लिए समितिओ का गठन किया जाता है ।

  1. गाँव की निर्माण समिति ।
  2. गाँव की जल समिति ।
  3. गाँव की शिक्षा समिति। 
  4. गाँव की स्वास्थ्य समिति ।
  5. प्रशासनिक कार्य समिति ।
  6. नियोजन कार्य समिति।

ग्राम प्रधान का चयन जनता के द्वारा मतदान करके प्रत्येक पाँच साल में किया जाता है तथा सदस्यों का चयन जनता के द्वारा दिए गए मत से होता है ।

  • ✍ग्राम की समिति का हिसाब किताब
  •  ग्राम प्रधान,
  •  ग्राम विकास अधिकारी, 
  • ग्राम पंचायत अधिकारी 
  • ग्राम पंचायत के सदस्य 
👉ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी,सरकार द्वारा नियुक्ति दी जाती है ।
👉प्रधान पद के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं योग्यता ।
  1. उम्मीदवार को भारत का नागरिक हो।
  2. उम्मीदवार की आयु 21वर्ष  पुर्ण हो ।
  3. जिस ग्राम पंचायत से उम्मीदवार आवेदन पत्र भरता है उस ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में उम्मीदवार का नाम होना चाहिए ।
  4. आधार कार्ड एवं पेन कार्ड 
  5. चल अचल संपत्ति का घोषणा पत्र ।
  6. संतान के समबन्ध में घोषणा पत्र दो से अधिक सन्तान नहीं हो ।
  7. योग्यता प्रमाण पत्र साक्षर अथवा निरक्षर समबन्धित जाँच के लिए ।
  8. आय प्रमाण पत्र 
  9. मूल निवास प्रमाण पत्र ।
  10. जाति प्रमाणपत्र 
  11. चरित्र प्रमाण पत्र ।
  12. पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र ।
  13. किसी राजनीतिक दल से जुडा है तो उसका ब्योरा ।
  14. सपथ पत्र जोकि 50₹के स्टाम्प पर पेश करना होता है नोटेरी सहित ।
  15. नाम निर्देशन भरने के लिए प्रतिभूति निक्षेप राशि जमा करना होता है ।
  16. उम्मीदवार दिवालिया नही हो ।पूर्व में पागल घोषित नही हो
ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के अलावा ग्राम सदस्यों का भी चुनाव होता है ।
सदस्योंकी संख्या ग्राम पंचायत की कुल जनसंख्या के आधार पर सदस्यों की संख्या निर्धारित किया जाता है ।
    • ग्राम सभा की कुल जनसंख्या 1000पर 9सदस्य,
    • 2000 की जनसंख्या पर 11 सदस्य,
    • 3000 की जनसंख्या पर 13 सदस्य, एवं
    • 3000 से अधिक पर 15सदस्य उम्मीदवार चुने जाते हैं ।

 

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