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  • December 8, 2021

चुनावी बाजार में आम जनता को धार्मिकता और लालच का पाठ सुनाते नेता

राजनीति में धर्म या धर्म में राजनीति नेताओं की जुबान पर है

राजनीति में धर्म या धर्म में राजनीति नेताओं की जुबान पर चढ़ रहा है रंग।

विधानसभा का चुनाव जैसे ही करीब आता जा रहा है।वैसे ही मंत्रियों के मुख से धर्म की आड़ में तो किसी के मुख से लोगों को लालच की कहानियां सुनने को मिल रही है। विधानसभा चुनाव में आपना परचम लहराने के लिए मन्त्री लोग  जाति-धर्म के नाम पर जनता में ग्लानि का जहर घोल रहे हैं। पढ़ें कुछ उत्तर प्रदेश के मंत्रियों के भाषण——

प्रियंका गांधी वाड्रा —-****

एक आठ साल का बच्चा दौड़ता हुआ हमारे पास आता है और अपने हाथ में लिए दैनिक जागरण के एक टुकड़े को दिखाते हुए कहता है -“दीदी, आपको तो फ्री लैपटॉप और स्कूटी मिलेंगे अगर वाड्रा जी को जीता पाईं तो…”

उस अखबार में छपी वाड्रा जी की तस्वीर के साथ लिखा था उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद छात्राओं को फ्री लैपटॉप, टेबलेट और स्कूटदेंगे

बहना अगर आपने छात्राओं को लैपटॉप और स्कूटी के स्थान पर उनकी सुरक्षा के लिए जिक्र किया होता तो शायद आपका शानदार प्रदर्शन हो पाता। हम लड़कियों के लिए चलने के लिए स्कूटी नहीं बल्कि निर्भयता चाहिए। अपने आप को हर जगह हम सुरक्षित महसूस करें।

असुद्दीन औवेसी साहब—-****

   भई जब पूरे देश- प्रदेशों में धार्मिकता को लेकर जहर उगला जाता है ! तो यह भाई साहब कैसे पीछे रह सकते थे? इनको भी गड़े मुर्दे उखाड़ने में शौक था।

भैय्या ओवैसी साहब ने कहा कि बाराबंकी की मस्जिद को शहीद किया गया था।

उत्तर प्रदेश में तीन दिवसीय दौरे पर रहें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल के चीफ रहे असदुद्दीन ओवैसी ने बाराबंकी में जनसभा को संबोधित करते हुए बाराबंकी की मस्जिद को शहीद बताया।

ऐसी विचारधारा वाले लोगों को उत्तर प्रदेश के लोग सरकार के रूप में चुनेंगे ? आपके पास कोई मुद्दा नहीं होता बात करने का या फिर आप जानकर इस तरह के धार्मिक कारणों की आड़ लेते हैं। जो कि बिल्कुल सही नहीं होता।

अगर आपको लगता है कि हमसे जनता प्रभावित होती है तो कुछ अच्छे शब्दमालाओं का प्रयोग कीजिए न।

योगी आदित्यनाथ—-****

22 अक्टूबर 2021 को सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में योगी जी ने कहा- ” 2022 में विधानसभा चुनाव में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले चाहिए या श्री राम का भव्य मंदिर बनाने वाले।”

भारत की राजनीति भी बेमिसाल है वैसे तो भारत धर्मनिरपेक्ष है लेकिन चुनाव आते ही नेता उसे धर्म में बांट देते हैं। अगर हमारी मंत्री साहब मस्जिद मन्दिरों से बाहर निकले तो बहुत से चीजों का निर्माण होना बाकी है।

उदाहरण के तौर पर शिक्षा का स्तर अभी भी उतना अच्छा नहीं है। खेलकूद की दुनिया में भी हम अग्रणी नहीं है। कभी हॉकी में विश्व चैंपियन रहने वाला भारत अब अपनी प्रतिष्ठा को खो सा रहा है।

अगर आप लोगों से जनता इतनी ही प्रभावित होती है ।तो उन लोगों में सौहार्द ,स्नेह , प्रेम की भाषा बोलिए और समाज को मिलनसार प्रवृत्ति में तब्दील कीजिए । चुनावी बाजार में आम जनता को धार्मिकता और लालच का पाठ मत सुनाइए।

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SHAHANAJ KHAN

शहनाज़ खान दैनिक दृश्य की सह-संस्थापक एवं सम्पादक है इन्हें लिखने का शौक है। अपनी कविताओं को भी जल्द ही आप तक पहुंचाने का प्रयास करुंगी। धन्यवाद

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