हिंदी दिवस पर विशेष लेख: शहनाज़ ख़ान

हिन्दी दिवस पर विशेष लेख जैसा कि सभी जानते हैं 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि 14 सितंबर सन 1949 को हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया। लेकिन यह…

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मेरे आदर्श , मेरे शिक्षक -शिक्षकदिवस विशेष

मेरे आदर्श , मेरे शिक्षक -शिक्षकदिवस विशेष

मेरे आदर्श शिक्षक, शिक्षक दिवस पर विशेष लेख मैं उनके लिए क्या लिखूं ,जिन्होंने मुझे लिखना सिखाया। मैं उनके लिए क्या क्या कहूं , जिन्होंने मुझे हर शब्द का अर्थ बताया है जीवन का महत्व…

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भारत के मुस्लिम सांसद विधायक अपने देश में मुस्लिम समाज पर होते अन्याय पर क्यों ख़ामोश हो जातें हैं।

भारत के मुस्लिम सांसद विधायक अपने देश में मुस्लिम समाज पर होते अन्याय पर क्यों ख़ामोश हो जातें हैं।

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालीबान को लेकर दिए बयान से लगता है कि सांसद शफीकुर्रहमान बर्क हिंसा के समर्थक हैं। सपा सांसद डाक्टर शफीकुर्रहमान बर्क उस समय चर्चा में आये जब उन्होंने तालीबान की…

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ज़िन्दगी जीने के तरीके? ज़िन्दगी को सफलता की ओर कैसे बढ़ाएं? ज़िन्दगी में सफलता कैसे हासिल करें।एक सफल जिन्दगी कैसे जिएं।

ज़िन्दगी जीने के तरीके? ज़िन्दगी को सफलता की ओर कैसे बढ़ाएं? ज़िन्दगी में सफलता कैसे हासिल करें।एक सफल जिन्दगी कैसे जिएं।

ज़िन्दगी जीने के तरीके? ज़िन्दगी को सफलता की ओर कैसे बढ़ाएं? ज़िन्दगी में सफलता कैसे हासिल करें।एक सफल जिन्दगी कैसे जिएं। ज़िन्दगी जीना इतना आसान नहीं है जितना लोग समझते हैं। इसे आसान बनाने के…

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शिक्षा और संस्कारों के अभाव में जी रहा समाज। पढ़ें लिखे लोगों में है संस्कारों का अभाव।सोसल मीडिया पर ऐसे लोगों की लम्बी कतार लगी हुई है।

शिक्षा और संस्कारों के अभाव में जी रहा समाज। पढ़ें लिखे लोगों में है संस्कारों का अभाव।सोसल मीडिया पर ऐसे लोगों की लम्बी कतार लगी हुई है।

शिक्षा और संस्कारों के अभाव में जी रहा है समाज। शिक्षा और संस्कारों को एक साथ स्वीकार किया जाये तो समझिए समाज सौभाग्यशाली है।समाज में सुन्दरता सौंदर्य और स्नेह देखने को मिल सकता है परन्तु…

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अपने अधिकार की प्रतीक्षा करता पर्यावरण

अपने अधिकार की प्रतीक्षा करता पर्यावरण

जिस पर्यावरण में हम रहते हैं उस पर्यावरण ने हमें अमूल्य उपहारों से नवाजा है। खुबसूरत और खुशनुमा ज़मीं दी।हवा दी, जिसको हमें जीवित रखने का कर्तव्य सौंपा गया। पानी दिया जो हमें जीवित रहने…

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          ।      कुछ रंग    ।

          ।   कुछ रंग ।

       ।   कुछ रंग । कुछ रंग आंगन में दे आए , कुछ रंग वहां से ले आए  हम थे ही इतने अलबेले , हंसते-गाते हम चले आए कुछ धूमिल थे कुछ…

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शहीदी दिवस पर विशेष  भगतसिंह , सुखदेव और राजगुरु  का शहीदी दिवस

शहीदी दिवस पर विशेष  भगतसिंह , सुखदेव और राजगुरु  का शहीदी दिवस

शहीदी दिवस पर विशेष: भगतसिंह ,सुखदेव और राजगुरु  का शहीदी दिवस। आज भगतसिंह , सुखदेव और राजगुरु के अदम्य साहस और बलिदान का दिन है।आज ही के दिन 23 मार्च 1931 की शाम को 7…

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    विश्व गौरैया दिवस : खतरे में है गौरैया

    विश्व गौरैया दिवस : खतरे में है गौरैया

विश्व गौरैया दिवस : खतरे में है गौरैया 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। आज के दौर में गौरैया संकट में है। उनकी प्रजाति निरंतर विलुप्त होती जा रही है। उनकी प्रजाति…

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जैसी दृष्टि वेसी सृष्टि-आप जैसा सोचते हैं वैसा ही देखते हैं। कुछ करने की सोच ही आपको महान बनाती है।

जैसी दृष्टि वेसी सृष्टि-आप जैसा सोचते हैं वैसा ही देखते हैं। कुछ करने की सोच ही आपको महान बनाती है।

जैसी दृष्टि वेसी सृष्टि-आप जैसा सोचते हैं वैसा ही देखते हैं। कुछ करने की सोच ही आपको महान बनाती है। जैसा हम सोचते हैं वैसे ही हम बन जाते हैं। यदि हमें किसी व्यक्ति ,…

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किसके पास रूकती है लक्ष्मी और किससे रखती है ईर्ष्या।

किसके पास रूकती है लक्ष्मी और किससे रखती है ईर्ष्या।

किसके पास रूकती है लक्ष्मी और किससे रखती है ईर्ष्या। महाभारत , विष्णु पुराण और भागवत पुराण में समुद्र मंथन की एक कथा वर्णित है।जब असुरों और देवताओं में भयावह संग्राम हुआ । तीनों लोकों…

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उड़ान

उड़ान

     उड़ान      बढ़ तु समन्दर पार कर   ,                                                घोर  लहरों…

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साम्प्रदायिकता को फैलाने वाले राष्ट्रीय एकता की राह में सबसे बड़े बाधक

साम्प्रदायिकता को फैलाने वाले राष्ट्रीय एकता की राह में सबसे बड़े बाधक

साम्प्रदायिकता को फैलाने वाले राष्ट्रीय एकता की राह में सबसे बड़े बाधक। साम्प्रदायिकता का अर्थ— धर्म विशेष में श्रेष्ठता का संचार कर उसे अन्य मत- मतान्तरों की अपेक्षा अधिक अच्छा मानना ही साम्प्रदायिकता है अर्थात् …

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भारत के शेक्सपियर का दर्शन एक दृष्टि में।

भारत के शेक्सपियर का दर्शन एक दृष्टि में।

भारत के शेक्सपियर का दर्शन एक दृष्टि में।   हमारा भारत  विश्व गुरु कहा जाता है। क्योंकि  हमारे भारतीय इतिहास को अनेक प्रचण्ड , प्रतिभाशाली विद्वानों ने प्रकाशित किया है। वेदव्यास , भवभूति , बाणभट्ट,…

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तुमने लवों को अपने क्यूं बन्द रखा है।

तुमने लवों को अपने क्यूं बन्द रखा है।

तुमने लवों को अपने क्यूं बन्द रखा है। तुमने लबों को अपने क्यूँ बन्द रखा है। पाकीजा मोहब्बत पे ये दण्ड रखा है । चाहत हो तुम मेरी ये दुनियाँ को बता दो। क्या है…

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मोहब्बत की समां

मोहब्बत की समां

हम मोहब्बत की समा जलाते रहे ,वो हवाओं के झोके चलाते रहे। बुझा ना सके समां प्यार की, हम ऐसी समां जलाते रहे ऐसी बेरूखी क्यों हमारे लिए ,क्यूँ हमसे बो इतनें नाराज़ हैं। तुम…

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मनुष्य में श्रेष्ठ एवं निम्न होने की पहचान कैसे करें।

“मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है” यूनान के प्रसिद्ध विचारक अरस्तू का यह कथन है। इसी कथन को यदि अंग्रेजी में अनुवाद किया जाए तो (Man is a social animal) मनुष्य एक सामाजिक पशु है। लेकिन…

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आधुनिक युग की मीरा

आधुनिक युग की मीरा

“पीड़ा की गायिका” या फिर “आधुनिक युग की मीरा” के नाम से जानी जाने वालीं “महादेवी वर्मा” जी हिन्दी साहित्य में अपना विशेष स्थान रखतीं हैं। इनकी रचनाओं के करुणा और भावुकता अभिन्न अंग हैं।…

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धरती के वृक्ष

धरती के वृक्ष

कह रही गरम हवा मंथन से , कहाॅं गये हमारे साथी , क्या उन्हें कैद किया , या आयी परेशानी । एक चिड़िया पंख फड़फड़ा कर ,बैठ गई मेरे पास , पूछा कहाॅं गये वो…

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